भगवान शिव को केतकी का फूल क्यों नहीं अर्पित करते है?

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भगवान् शिव को खुश करना बहुत आसान बताया गया है! कहते हैं यदि शिवजी आप पर प्रसन्न हो जायें तो आपको दुनिया का सबसे भाग्यशाली इंसान बनने से कोई नहीं रोक सकता ! आप हमेशा उन्हें धतूरा, भांग और कई तरह के फूल चढाते होंगे! आपने सुना होगा कि शिवजी को सफ़ेद रंग के फूल बहुत पसंद हैं! लेकिन ऐसा नहीं है कि उन्हें हर सफ़ेद रंग का फूल पसंद है!

पुराणों के अनुसार एक फूल शिवजी को कतई पसंद नहीं है! केतकी वह फूल है जो शिव भगवान् को पसंद नहीं है! इस फूल को अर्पित करने से आपको भगवान्  शिव की कृपा नहीं मिल पाएगी! यदि आप ये फूल भगवान् शिव को चढाने वाले हैं तो शिवजी आपसे प्रसन्न होने की जगह रुष्ट भी हो सकते हैं! इसलिए कभी भी शिवजी को केतकी का फूल न चढ़ाएं!

लेकिन भगवान् शिव को केतकी का फूल क्यों नहीं चढ़ाया जाता है?

इसका जवाब हमारे पुराणों में मौजूद है, इसके अनुसार एक बार विष्णु जी और ब्रह्मा जी में युद्ध छिड गया कि कौन ज्यादा बड़ा है ? विवाद का फैसला करने के लिए शिवजी को कहा गया! भगवान् शिव ने अपनी माया से एक ज्योतिर्लिंग प्रकट किया! भगवान् शिव ने ब्रह्मा जी और विष्णु जी से कहा की जो इस लिंग का अंत बता देगा वो बड़ा होगा! ब्रह्मा जी ने ज्योतिर्लिग पकड़ा व वो निचे पातळ  की तरफ चले गए जबकि विष्णु जी ऊपर चले गए ! जब काफी वर्षो तक ढूंढने के बाद भी ज्योतिर्लिंग का अंत पता नहीं चला तो ब्रह्मा जी ने एक तरकीब सोची! उन्होंने देखा की केतकी का फूल भी उनके साथ आ रहा है! ब्रह्मा जी ने केतकी के फूल को बहलाकर झूठ बोलने को तैयार कर लिया! केतकी के फूल ने भी ब्रह्मा जी का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया! ब्रह्मा जी ने शिवजी को कहा कि उन्हें पता चल गया है की शिवलिंग का अंत कहाँ हैं!

लेकिन भगवान् विष्णु ने सच बताते हुए बोला की उन्हें ज्योतिर्लिंग का अंत नहीं मिल पाया है! ब्रह्मा जी ने अपना अहंकार जताया! ब्रह्मा जी ने केतकी के फूल को गवाही देने को कहा!

केतकी के फूल ने भी ब्रह्माजी के कहे अनुसार गवाही दे दी! भगवान् शिव को सब ज्ञात हो गया! उन्होने केतकी के फूल की झूठी गवाही को भी पहचान लिया! भगवान् शिव ब्रह्मा जी और केतकी के फूल से अत्यंत क्रोधित  हो गए और उन्होंने गुस्से में आकर ब्रह्मा जी का एक सिर काट दिया! शिवजी के इस क्रोध की वजह से ही ब्रह्मा जी चार मुख वाले हो गए!

केतकी के फूल ने ब्रह्मा जी की तरकीब में साथ देकर झूठ बोला इसलिए भगवान् शिव ने उसे भी श्राप दिया ! भगवान् शिव ने केतकी के फूल को श्राप देते हुए कहा की उस फूल को कभी भी भगवान् शिव की पूजा में काम में नहीं लिया जाएगा!

इस प्रकार केतकी का फूल हिन्दू धर्म के किसी भी शुभ काम में उपयोग नहीं लिया जाता! खासकर भगवान् शिवकी पूजा में केतकी का फूल वर्जित माना जाता है!

इसलिए यदि आप शिवजी की कृपा अपने ऊपर बनाये रखना चाहते है तो केतकी के फूल से सदैव परहेज़ रखे!

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